शरीर को हेल्दी रखने के लिए एक्सपर्ट अक्सर सेब खाने की सलाह देते हैं। हालांकि, अमरूद एक ऐसा फल भी है जो सेब की तुलना में सस्ता होने के साथ कई पोषक तत्वों से भरपूर है। इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं और पोषण के मामले में यह फल सेब को भी कड़ी टक्कर देता है। साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक और एमबीबीएस, एमडी डॉ. बिमल छाजेर ने अपने यूट्यूब वीडियो में बताया कि अमरूद को डाइट में शामिल करने की सलाह दी है। आइए जानते हैं इस फल के फायदे और इसे खाने का सही तरीका।
पोषक तत्वों से भरपूर है यह फल
डॉक्टर बिमल छाजेर कहते हैं कि अमरूद कई पोषक तत्वों से भरपूर है। इसमें विटामिन, मिनिरल्स, एंटी ऑक्सीडेंट्स और फाइबर होता है और कैलोरी बहुत कम होती है। एक 100 ग्राम का मीडियम साइज़ अमरूद अगर आप रोज कहते हैं तो इससे आपके शरीर को ये सभी न्यूट्रिएंट्स मिलेंगे।
रोजाना एक अमरूद रोजाना खाने से क्या होता है?
-
हार्ट हेल्दी होता है: अगर आप रोजाना एक मीडियम साइज़ का अमरूद खाते हैं तो इससे आपका हार्ट हेल्दी होता है। हाई फाइबर और पोटेशियम से भरपूर होने की वजह से बैड कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स ब्लड वेसल्स को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है और हार्ट को हेल्दी रखता है।
-
इम्यून होता है बूस्ट: अमरूद में मौजूद विटामिन सी आपके कमजोर इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। तो अगर आप बहुत जल्दी बीमार पड़ते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। यह आपके शरीर की रक्षा शक्ति को बढ़ाता है।
-
डायबिटीज में फायदेमंद: अगर आप शुगर के मरीज हैं तो आपको अपनी डाइट में अमरूद को ज़रूर शामिल करना चाहिए। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो खून में शुगर की मात्रा को बढ़ने नहीं देता है।
-
स्किन के लिए फायदेमंद: अमरूद में मौजूद विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स स्किन को चमकदार बनाते हैं, उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे झुर्रियों को रोकते हैं, और त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)







