कौन हैं ‘हनुमान अंश’ एक्टर शोभिनव सत्य? नीम करोली बाबा के रोल से किया डेब्यू, पहली ही फिल्म से बने बॉक्स ऑफिस किंग

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कहते हैं कि अगर नीयत साफ हो और इरादे मजबूत तो सादगी भी बड़े-बड़े ग्लैमरस चक्रव्यूह को भेद देती है। कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों देश के सिनेमाघरों में देखने को मिल रहा है। बिना किसी बड़े तामझाम, प्रमोशन के शोरगुल या किसी मेगास्टार के चेहरे के एक बेहद शांत नदी की तरह रिलीज हुई फिल्म ‘हनुमान अंश’ अब बॉक्स ऑफिस पर सुनामी का रूप ले चुकी है। बेहद मामूली शुरुआत से सफर शुरू करने वाली यह लो-बजट फिल्म आज करोड़ों की बंपर कमाई कर रही है और ट्रेड एनालिस्ट के लिए एक बहुत बड़ा अजूबा बन चुकी है। इस ऐतिहासिक मोड़ के केंद्र में खड़े हैं एक ऐसे युवा कलाकार, जिनका चेहरा शायद आपने पहले कभी पर्दे पर न देखा हो, शोभिनव सत्य। महान संत नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित इस बायोपिक में उन्होंने जो जादुई सादगी बिखेरी है, उसने दर्शकों के दिलों को सीधे झकझोर कर रख दिया है।

अकबरपुर के ‘लक्ष्मण’ से ‘नीम करोली बाबा’ बनने की आत्मिक यात्रा

7 अगस्त 2026 को थिएटर्स में उतरी ‘हनुमान अंश’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव बनकर उभरी है। फिल्म में उत्तर प्रदेश के अकबरपुर गांव के साधारण से बालक लक्ष्मण नारायण शर्मा की कहानी को बखूबी उकेरा गया है, जो अपनी अलौकिक साधना और निस्वार्थ सेवा से आगे चलकर पूजनीय संत ‘नीम करोली बाबा’ के रूप में विख्यात हुए। पर्दे पर इस महान हस्ती की चेतना को जीवंत करना कोई आसान काम नहीं था। मगर न्यूकमर एक्टर शोभिनव सत्या ने इस दिव्य भूमिका में अपनी पूरी आत्मा उड़ेल दी। उन्होंने बाबा महाराज की वेशभूषा ही नहीं, बल्कि उनके हाव-भाव, सौम्यता और आध्यात्मिक विचार को इतनी सहजता से आत्मसात किया कि सिनेमाघर में बैठा हर दर्शक भावविभोर हो उठा।

परदे के पीछे का वो साधक, जो आज बना पर्दे का नायक

अब सवाल यह उठता है कि आखिर रातों-रात चर्चा के केंद्र में आए यह शोभिनव सत्य हैं कौन?लखनऊ के शांत माहौल में पले-बढ़े शोभिनव की रगों में सिनेमा का जुनून बचपन से ही दौड़ रहा था। अपने सपनों को आकार देने के लिए उन्होंने लखनऊ के ऑपुलेंट स्कूल ऑफ एक्टिंग एंड फिल्म्स से अभिनय और मेकिंग के गुण सीखे। इसके बाद उन्होंने पुणे स्थित प्रतिष्ठित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का रुख किया और फिल्म निर्माण की तकनीकी बारीकियों को समझा।

दिलचस्प बात यह है कि ‘हनुमान अंश’ भले ही बतौर एक्टर शोभिनव की पहली फिल्म हो, लेकिन वह फिल्म उद्योग के लिए एकदम अजनबी नहीं थे। पर्दे पर उतरने से पहले उन्होंने सालों तक पर्दे के पीछे रहकर कड़ी तपस्या की थी। IMDb के रिकॉर्ड्स बताते हैं कि शोभिनव ने साल 2019 में आई वेब सीरीज ‘रागिनी एमएमएस रिटर्न्स’ में ट्रेनी असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद 2020 में आई ‘हैप्पिली एवर आफ्टर’ में उन्होंने स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी डिपार्टमेंट का दारोमदार संभाला। यहां तक कि भारतीय टीवी इतिहास के आइकॉनिक शो ‘सीआईडी’ (2025) के कई एपिसोड्स में भी उन्होंने सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर अपनी अहम भूमिका निभाई।

‘आवारापन 2’ जैसी बड़ी फिल्मों के सामने जमाया कब्जा

कैमरे के पीछे रहकर लाइट, एंगल और स्क्रीनप्ले की बारीकियां सीखने का यही लंबा अनुभव आखिरकार शोभिनव के बहुत काम आया। जब निर्देशक विशाल चतुर्वेदी नीम करोली बाबा के किरदार के लिए किसी ऐसे चेहरे की तलाश कर रहे थे, जिसमें कोई स्टारडम का अहसास न हो, सिर्फ एक मासूमियत और सादगी हो, तब उनकी नजर शोभिनव की प्रतिभा पर पड़ी।

आज जब सिनेमाघरों में बड़े-बड़े बैनर की कमर्शियल फिल्में जैसे ‘आवारापन 2’ लगी हुई हैं, ऐसे में माउथ-पब्लिसिटी के दम पर ‘हनुमान अंश’ का यह ऐतिहासिक बॉक्स ऑफिस रन हर किसी को चौंका रहा है। दर्शक बिना किसी बड़े स्टारडम के खिंचे चले आ रहे हैं तो सिर्फ शोभिनव सत्या के उस बेदाग अभिनय और नीम करोली बाबा के प्रति अपनी अटूट आस्था के कारण। बैकग्राउंड में रहकर सिनेमा को रचने वाला एक साधारण सा लड़का आज अपनी पहली ही फिल्म से करोड़ों दिलों का प्रिय नायक बन चुका है। एक्टर की फिल्म खूब कमाई कर रही है, फिल्म 2 करोड़ की लागत में बनी थी और 50 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है।

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Author: Kaushal kumar

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