बच्चे खिलौनों से ज्यादा डिब्बों, चम्मचों और रिमोट में क्यों लेते हैं Interest? इसके पीछे छिपी है एक वजह

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


Last Updated:

Kids Interest: बच्चों का डिब्बे, चम्मच और रिमोट जैसी चीजों की ओर आकर्षित होना उनकी जिज्ञासा, नकल और खोजने की प्रवृत्ति से जुड़ा है. सुरक्षित घरेलू वस्तुओं से खेलना उन्हें नई चीजें समझने और कल्पना विकसित करने का मौका देता है.

ख़बरें फटाफट

बच्चे खिलौनों से ज्यादा डिब्बों, चम्मचों और रिमोट में क्यों लेते हैं Interest?Zoom

बच्चे खिलौनों से ज्यादा डिब्बों में क्यों लेते हैं Interest? (Image-AI generated)

Kids Interest: कभी आपने गौर किया है कि घर में बच्चे के लिए महंगा खिलौना लाने के बाद भी उसकी नजर आखिरकार टीवी के रिमोट, रसोई के चम्मच या किसी खाली डिब्बे पर ही टिक जाती है? माता-पिता के लिए यह दृश्य काफी आम है. बच्चे खिलौना छोड़कर घर की रोजमर्रा की चीजों से खेलने लगते हैं और कई बार उन्हीं चीजों में घंटों व्यस्त रहते हैं. पहली नजर में यह अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे बच्चे के सीखने और दुनिया को समझने का स्वाभाविक तरीका छिपा है.

बच्चों के लिए हर नई चीज एक छोटी-सी खोज होती है. वे वस्तु को सिर्फ उसके तय इस्तेमाल के हिसाब से नहीं देखते, बल्कि उसे छूकर, घुमाकर, खटखटाकर और अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करके समझने की कोशिश करते हैं. यही वजह है कि साधारण घरेलू सामान उन्हें कई बार चमकदार खिलौनों से ज्यादा दिलचस्प लगता है.

बच्चों को घरेलू चीजों में क्यों दिखता है ज्यादा Interest?

बच्चों की जिज्ञासा इसका सबसे बड़ा कारण मानी जाती है. किसी खिलौने को देखकर उन्हें अक्सर पहले से पता होता है कि वह क्या है और उससे क्या किया जा सकता है. इसके उलट खाली डिब्बा, चम्मच या प्लास्टिक का कंटेनर उनके लिए खुली संभावना जैसा होता है. मसलन, एक बच्चा खाली डिब्बे को कभी कार बना सकता है, कभी उसमें दूसरी चीजें भर सकता है और कभी उसे ढक्कन लगाकर खोलने की कोशिश कर सकता है. यानी एक ही वस्तु के कई इस्तेमाल उसके सामने होते हैं. इसी प्रक्रिया में बच्चा अपने आसपास की दुनिया को समझता है.

रिमोट और चम्मच क्यों बन जाते हैं पसंदीदा?

रिमोट बच्चों को इसलिए आकर्षित कर सकता है क्योंकि उसमें बटन होते हैं. बच्चा बटन दबाने पर होने वाले बदलाव को नोटिस करता है. इसी तरह चम्मच पकड़ने में आसान होता है और उससे आवाज भी बनाई जा सकती है. वह उसे किसी बर्तन में डालकर देख सकता है, टेबल पर बजा सकता है या उसे खाने की चीजों से जोड़कर खेल सकता है. यह खेल केवल मनोरंजन नहीं होता. इसमें बच्चा कारण और परिणाम का संबंध समझने की कोशिश करता है-मैंने बटन दबाया तो क्या हुआ, डिब्बा गिराने पर कैसी आवाज आई या चम्मच से बर्तन पर मारने पर क्या बदलाव हुआ.

महंगे खिलौनों से ज्यादा आकर्षक क्यों लगती है रोजमर्रा की चीजें?

बच्चों के लिए परिचित चीजों का भी अपना आकर्षण होता है. वे रोज माता-पिता को रसोई में चम्मच इस्तेमाल करते, सामान डिब्बों में रखते या रिमोट से टीवी चलाते देखते हैं. इसलिए इन वस्तुओं के साथ खेलना उन्हें बड़ों की दुनिया की नकल करने का मौका देता है. यही कारण है कि बच्चा कभी खाली कप लेकर चाय पिलाने का नाटक करता है या डिब्बे में सामान भरकर उसे कहीं ले जाने लगता है. यह pretend play उसकी कल्पना और सामाजिक समझ को विकसित करने का हिस्सा हो सकता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

माता-पिता को क्या ध्यान रखना चाहिए?

इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे को हर घरेलू सामान खेलने के लिए दे दिया जाए. सुरक्षा सबसे जरूरी है. छोटे ढक्कन, बैटरी, तेज धार वाली चीजें, कांच का सामान, बिजली से जुड़ी वस्तुएं और ऐसी चीजें जिन्हें बच्चा मुंह में डाल सकता है, उससे दूर रखना चाहिए. इसके बजाय बड़े और सुरक्षित प्लास्टिक के डिब्बे, लकड़ी के चम्मच या उम्र के हिसाब से सुरक्षित घरेलू वस्तुएं निगरानी में दी जा सकती हैं. बच्चे को हर समय नया खिलौना देने के बजाय कभी-कभी सुरक्षित चीजों से खुद खेलने और खोजने का मौका देना भी उपयोगी हो सकता है.

About the Author

Keerti Rajpoot

कीर्ति राजपूत हिंदी डिजिटल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 13 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह साल 2021 से News18 हिंदी की धर्म टीम के साथ जुड़ी हैं, जहां…

और पढ़ें



Source link

admin_97d7b6
Author: admin_97d7b6

Leave a Comment

और पढ़ें