हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में पूल-डी में भारतीय टीम को अपना आखिरी मुकाबला पाकिस्तान की टीम के खिलाफ खेल रही है, जिसमें इससे पहले उन्होंने वेल्स की टीम के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेला था, जिसको 3-1 से जीतने में कामयाब रहे थे। वहीं दूसरे मैच में भारतीय हॉकी टीम का सामना इंग्लैंड की टीम से हुआ था और उस मुकाबले में 4-2 के अंतर के हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में अब पाकिस्तान के खिलाफ पूल-डी के इस आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया के लिए करो या मरो की स्थिति है जिसमें जीत हासिल करने पर ही वह टॉप-8 के लिए अपनी जगह को पक्का करने में कामयाब हो सकेंगे। भारतीय टीम अभी पूल-डी की प्वाइंट्स टेबल में तीन अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है।
भारतीय टीम का पाकिस्तान के खिलाफ दिखा पिछले एक दशक में दबदबा
हॉकी में भारतीय टीम का प्रदर्शन पाकिस्तान के खिलाफ पिछले एक दशक में दबदबा साफतौर पर देखने को मिला है। इसका अंतर दोनों टीमों के प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा सकता है। पाकिस्तान की टीम ने पिछली बार हॉकी में भारतीय टीम के खिलाफ साल 2016 में जीत दर्ज की थी, जिसके बाद से दोनों टीमों के बीच में अब तक खेले गए 19 मुकाबलों में पाकिस्तानी टीम एक भी मैच जीतने में कामयाब नहीं हो सकी है और भारतीय टीम ने उसमें से 17 में जीत हासिल की है और दो मुकाबले ड्रॉ पर खत्म हुए हैं। वहीं हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का पाकिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड बेहतर देखने को मिलता है जिसमें दोनों टीमों के बीच 5 बार भिड़ंत हुई है और उसमें से तीन मुकाबले भारतीय टीम ने जीते हैं जबकि पाकिस्तान दो मैच ही जीतने में कामयाब हो सकी है।
टीम इंडिया की नजरें टॉप-8 में पहुंचने पर
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय हॉकी टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत काफी शानदार तरीके से की थी, जिसमें वेल्स के खिलाफ मुकाबले में दबदबा पूरी तरह से देखने को मिला था। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ अगले मैच में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा जिसके चलते अब पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में जीत टॉप-8 में पहुंचने के नजरिए से काफी अहम हो गई है। पाकिस्तानी टीम ने भी अब तक दो मुकाबले खेले हैं जिसमें वेल्स के खिलाफ मैच 3-3 से बराबरी पर खत्म किया था तो वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में उनको 4-1 के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।








