Highlights
- हिंदी में स्वागत करते उज्बेक छात्रों का वीडियो देखकर प्रधानमंत्री मोदी ने जताई खुशी।
- ताशकंद में व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल सहयोग पर होगी महत्वपूर्ण चर्चा।
- उज्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री मोदी SCO शिखर सम्मेलन के लिए किर्गिस्तान जाएंगे।
नई दिल्ली: उज्बेकिस्तान की अपनी राजकीय यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताशकंद के कुछ युवा छात्रों का एक वीडियो देखकर खुशी जताई है। वीडियो में उज्बेकिस्तान के छात्र प्रधानमंत्री मोदी का हिंदी में गर्मजोशी से स्वागत करते नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि उज्बेकिस्तान के उनके युवा मित्रों का उत्साह देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई, खासकर इसलिए क्योंकि छात्रों ने हिंदी में इतनी अच्छी तरह अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की यात्रा पर गए हैं।
‘युवा मित्रों का उत्साह देखकर बहुत खुशी हो रही है’
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,
‘उज्बेकिस्तान की अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मुझे अपने उज्बेकिस्तान के युवा मित्रों का उत्साह देखकर बहुत खुशी हो रही है, जिसे उन्होंने इस वीडियो में खूबसूरती से व्यक्त किया है। इसे और भी खास बनाने वाली बात यह है कि उन्होंने यह हिंदी में किया और बहुत अच्छी तरह किया।’
बता दें कि वीडियो में ताशकंद के कई छात्र बारी-बारी से प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते दिखाई देते हैं।
छात्रों ने अपने वीडियो संदेश में क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अपने वीडियो संदेश में एक छात्र ने कहा,
‘माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, ताशकंद में आपका स्वागत है। मेरा नाम समंदर है। हम ताशकंद के छात्र हैं और आपके ताशकंद आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी जी, ताशकंद आपका इंतजार कर रहा है।’
एक अन्य छात्र ने कहा,
‘आदरणीय नरेंद्र मोदी जी, आपको सादर नमस्कार। ताशकंद की धरती आपको बुला रही है। हम उस खूबसूरत मुलाकात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मोदी जी, ताशकंद आपका इंतजार कर रहा है।’
एक छात्र ने भारत की संस्कृति के प्रति अपनी रुचि जताते हुए कहा,
‘आदरणीय मोदी जी, ताशकंद की ओर से आपको प्यार भरा नमस्ते। हम हिंदी भाषा सीख रहे हैं और भारत की संस्कृति से बहुत प्रभावित हैं। हम आपका ताशकंद में स्वागत करने के लिए बेहद उत्सुक हैं। नरेंद्र मोदी जी, ताशकंद आपका इंतजार कर रहा है।’
एक दूसरे छात्र ने भारत और उज्बेकिस्तान की दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा,
‘माननीय प्रधानमंत्री जी को सादर नमस्कार। भारत और उज्बेकिस्तान की दोस्ती हमारे लिए बहुत खास है। हमें उम्मीद है कि आप जल्द ही ताशकंद आएंगे। हम आपका इंतजार कर रहे हैं।’
2 देशों की यात्रा पर हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की दो देशों की यात्रा पर रवाना हुए। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारियों को और मजबूत करेगी। यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर दो दिवसीय द्विपक्षीय यात्रा के लिए ताशकंद जाएंगे। अपनी यात्रा को लेकर जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
‘हाल के वर्षों में भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी ने काफी प्रगति की है। मैं राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं। साथ ही हम विकसित भारत और यांगी उज्बेकिस्तान के अपने साझा विजन को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार करेंगे।’
शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र भी जाएंगे पीएम
ताशकंद यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी शास्त्री स्मारक और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज स्थित महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करेंगे। पीएम मोदी ने इन स्थानों को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत सांस्कृतिक और लोगों के आपसी संबंधों का प्रतीक बताया। यह प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी। इससे पहले वह 2015 में उज्बेकिस्तान गए थे। इसके बाद 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलनों में हिस्सा लेने के लिए भी उज्बेकिस्तान का दौरा कर चुके हैं। बता दें कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग लगातार बढ़ा है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने 2018 में भारत की राजकीय यात्रा की थी। इसके बाद उन्होंने 2019 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में भी हिस्सा लिया था।
ताशकंद के बाद बिश्केक जाएंगे प्रधानमंत्री
ताशकंद में द्विपक्षीय कार्यक्रम पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर बिश्केक जाएंगे। वहां वह 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना के 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री की इस दो देशों की यात्रा को मध्य एशिया के देशों के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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