‘प्रिंस’ में विवेक ओबेरॉय की खूबसूरत हीरोइन याद है? ‘तेरे लिए’ में लगाया हुस्न का तड़का, अब अपनाई रहस्यमयी आध्यात्मिक राह, सांपों संग करती हैं साधना

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साल 2010 में आई बॉलीवुड फिल्म ‘प्रिंस’ का वो सुपरहिट गाना ‘तेरे लिए’ तो आपको याद ही होगा? इस गाने में बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेरॉय के साथ अपनी बोल्डनेस और खूबसूरत अदाओं से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली एक्ट्रेस अरुणा शील्ड्स अचानक पर्दे से गायब हो गईं। पहली ही फिल्म से रातों-रात नेशनल क्रश बनीं अरुणा की किस्मत ऐसी चमकी कि हर तरफ सिर्फ उन्हीं के चर्चे थे। लेकिन ग्लैमर, स्टारडम और चकाचौंध से भरी इस दुनिया को उन्होंने उस वक्त अलविदा कह दिया, जब उनका करियर ढलान पर भी नहीं था। आज वही खूबसूरत हीरोइन ग्लैमर की चमचमाती दुनिया को हमेशा के लिए छोड़कर संन्यास और अध्यात्म की राह चुन चुकी हैं। इतना ही नहीं, वह एक ऐसी रहस्यमयी आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ गई हैं जहां वह जहरीले सांपों के साथ ध्यान लगाती हैं और खुद को इस अनोखी साधना में विलीन कर चुकी हैं। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों ‘प्रिंस’ की यह हॉट एक्ट्रेस सब कुछ छोड़-छाड़कर एक संन्यासी का जीवन जीने को मजबूर हुई और अब वह कहां और किस हाल में हैं।

अब क्या करती हैं अरुणा?

अभिनेत्री अरुणा शील्ड्स आज ग्लैमर और चकाचौंध से दूर एक नई पहचान बना चुकी हैं। विवेक ओबेरॉय के साथ अपनी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और एक्शन सीन्स से लोगों का दिल जीतने वाली अरुणा के लुक के अलावा उनकी बोल्डनेस ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। अब वो एक प्रामाणिक साइकोथेरेपिस्ट, हिप्नोथेरेपिस्ट और माइंडफुलनेस कोच हैं। बॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में सफलता का स्वाद चखने के बाद उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति को उन्होंने अपना जीवन-लक्ष्य बनाया और वो धर्म की राह पर चल पड़ीं और आज एक संन्यासी वाला जीवन गुजार रही हैं।

शिक्षा और ग्लैमर इंडस्ट्री में शुरुआती कदम

ब्रिटेन में जन्मी और पली-बढ़ी अरुणा शील्ड्स का बचपन भारत और यूके दोनों जगह बीता। भारतीय और ब्रिटिश मूल की अरुणा ने पढ़ाई-लिखाई के मामले में भी काफी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने गिल्डहॉल स्कूल ऑफ म्यूजिक एंड ड्रामा से डिस्टिंक्शन हासिल किया, डरम बोर्डिंग स्कूल से शिक्षा ली और बाद में यूनिवर्सिटी ऑफ द आर्ट्स, लंदन (सेंट्रल सेंट मार्टिन्स) से ग्रेजुएशन किया। ‘मिस्ड इंडिया टैलेंट यूके’ का खिताब जीतने के बाद एक एक्टिंग एजेंट की नजर उन पर पड़ी और यहीं से उनके अभिनय करियर का रास्ता खुला।

बॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा का सफल दौर

मार्शल आर्ट्स में प्रशिक्षित अरुणा ने अपनी पहली ही बॉलीवुड फिल्म ‘प्रिंस’ में कई एक्शन सीन्स खुद ही अंजाम दिए थे। इसके बाद उन्होंने फ्रेंच एडवेंचर फिल्म ‘एओ: द लास्ट हंटर’ और ब्रिटिश ड्रामा ‘मिस्टर सिंह मिसेज मेहता’ जैसी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाईं। अपनी अदाकारी और खूबसूरती के दम पर वह गूगल जिटगाइस्ट (फास्टेस्ट राइजिंग स्टार) बनीं और टाइम ऑफ इंडिया के कवर पेज पर भी जगह बनाई। इसके बावजूद अपार प्रसिद्धि और सफलता मिलने के बाद भी उनका मन आत्म-खोज की ओर खिंचता रहा।

फिल्म इंडस्ट्री से दूरी और अध्यात्म की ओर झुकाव

साल 2011 में जब उनका करियर चरम पर था, अरुणा ने अभिनय से ब्रेक लेने का बड़ा फैसला किया। वह अपनी आध्यात्मिक जड़ों की ओर लौटीं, ध्यान यानी मेडिटेशन की गहरी अवस्थाओं में उतरीं और मानव मनोविज्ञान का गहन अध्ययन शुरू किया। उन्होंने क्लिनिकल हिप्नो-साइकोथेरेपिस्ट और माइंडफुलनेस टीचर के रूप में डिग्री हासिल की। 2015 में उन्होंने ‘रिटर्न टू काम’ नाम से एक अंतरराष्ट्रीय थेरेपी प्रैक्टिस स्थापित की, जिसके तहत लॉस एंजिल्स, सिलिकॉन वैली, मालिबू और लंदन जैसे शहरों में लोगों को मानसिक तनाव से उबारने का काम किया। वैश्विक लॉकडाउन के दौरान उन्होंने विश्व स्तर पर ऑनलाइन मेडिटेशन ग्रुप भी शुरू किया ताकि वैश्विक तनाव को कम किया जा सके।

रहस्यमयी परंपरा से जुड़ाव और वर्तमान जीवन

अरुणा एक प्राचीन सिद्ध परंपरा से संबंध रखती हैं, जिसका इतिहास 3143 ईसा पूर्व पुराना माना जाता है। वह सभी जीवों का आदर करती हैं, लेकिन सांपों के प्रति उनका एक खास आध्यात्मिक झुकाव है। सांपों को वह परिवर्तन, चेतना और गुप्त ज्ञान का प्रतीक मानती हैं। उनका पहला अलौकिक आध्यात्मिक अनुभव भी एक सांप की आंखों में देखने के दौरान हुआ था। वर्तमान में लंदन में रह रहीं अरुणा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य, ध्यान और आंतरिक शांति का मार्गदर्शन दे रही हैं।

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