भारतीय रेलवे की सेवाओं को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है, लेकिन एक ब्रिटिश पर्यटक की ताजा समीक्षा ने सकारात्मक चर्चा को नई दिशा दे दी है। इंस्टाग्राम पर @OllyTravels नामक हैंडल से शेयर की गई पोस्ट में टूरिस्ट ओली ने अपनी समीक्षा में इसे “आरामदायक और किफायती” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव को साझा करते हुए लिखा, ‘भारतीय रेलवे का द्वितीय एसी कोच उम्मीद से कहीं बेहतर है। आरामदायक सीटें, साफ-सफाई और किफायती किराया-यह अनुभव वाकई यादगार रहा।’
सुविधाएं देख हो गया हैरान
वीडियो में टूरिस्ट ने वातानुकूलित कोच में उपलब्ध सोने की जगहें, बिस्तर, पर्दे और भंडारण क्षेत्र दिखाए। वे उपलब्ध सुविधाओं और गोपनीयता से काफी प्रभावित दिखे, खासकर टिकट की किफायती कीमत को देखते हुए। ब्रिटिश यात्री ने कोच की व्यावहारिक विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला, जिनमें सोने की व्यवस्था और भारत के विशाल रेलवे नेटवर्क का अनूठा अनुभव करने का अवसर शामिल है। भारतीय रेलवे के 2AC कोच निचली श्रेणी के कोचों की तुलना में अधिक गोपनीयता और स्थान प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे वे रात्रिकालीन यात्राओं के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बन गए हैं। ओली की समीक्षा को ऑनलाइन तेजी से लोकप्रियता मिली, और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उचित लागत पर आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए भारतीय रेलवे की प्रशंसा की।
भारतीय रेलवे सेकंड एसी कोच
भारतीय रेलवे के द्वितीय एसी कोच में आमतौर पर चार बर्थ वाले कंपार्टमेंट होते हैं। इसमें यात्रियों को बेहतर प्राइवेसी, एयर कंडीशनिंग और बिस्तर की सुविधा मिलती है। हाल के वर्षों में रेलवे ने स्वच्छता, समयपालन और आधुनिक सुविधाओं पर जोर दिया है। कई ट्रेनों में बायो-टॉयलेट, सीसीटीवी और बेहतर खान-पान सेवाएं शुरू की गई हैं। पर्यटन मंत्रालय और रेलवे दोनों ही विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इन सुधारों को बढ़ावा दे रहे हैं। ब्रिटिश पर्यटक की इस तारीफ ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा बढ़ा दी है। कई भारतीयों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए रेलवे की सराहना की है। कुल मिलाकर ब्रिटिश टूरिस्ट ओली की समीक्षा उन हजारों विदेशी पर्यटकों की आवाज बन गई है, जो भारतीय रेलवे को किफायती और आरामदायक विकल्प मानते हैं।
गौरतलब है कि, इससे पहले एक भूटानी महिला ने वंदे भारत ट्रेन की सुविधाओं पर प्रतिक्रिया दी थी।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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